Friday, August 19, 2011

जन्मदिन मुबारक हो, गुलज़ार साहब

Yesterday was Gulzar Sahab's birthday. I dont know, infact I dont want to know the digit of his age, kyunki unka "dil to bachcha hai ji" :)
Here is wishing him good health and happiness on his birthday:
चलो आज इस सयियारे को चंद लम्हे तोहफे में दे दें,
जो कभी नंगे पाँव ज़मीन पे उतर आया,
तो कभी दूर निकल गया किसी मासूम बच्चे की तरह कॉमेट पकड़ने.

चलो रख लो वो सुकून के लम्हे जो बूढी मौसी को चारपाई पे मिलते थे,
या वो खुशियाँ जो २ आने जैसी माँ के पल्लू में छुपी रहती थीं.

Tuesday, June 07, 2011

बूँदें

पानी के आइने में वो आसमान से झाकता नज़र आया,
मेरी खिड़की से मेरे लॉन की सुखी घास पे सोता नज़र आया,
और हमें पता था की चहरे बदलना सिर्फ चाँद को आता है|

कुछ पत्ते जो शाख से टूट कर हवा के साथ बह चले,
तो लगा की दोस्ती का फ़र्ज़ निबा रहे हैं,
कुछ यादें उम्र भर लम्हों का साथ नहीं छोड़तीं|

रात जो बुझा दी मैंने,
यादें भी राख में दफ्न हो गयीं,
न जाने इस सयियारे ने ये बर्फ की चादर क्यूँ ओढ़ ली|

एक एक ब्रुश का स्ट्रोक याद था मुझे,
तुमने बड़े जतन से उस में रंग भरा था,
पानी ही तो था आँख का, न जाने कब कैनवास गीला कर गया|

written on: April 17th 2011

Inspired by Gulzar Sahab

In Triveni style-
चंद भूले हुए से नाम जो याद आ जाएँ  
तो जी भर सा जाता है
जुबान कभी दाँत से कट भी जाया करती है !!
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"Triveni" is a form of Hindi/Urdu poetry initiated by the  Gulzar Sahab. Unlike sher, a triveni consists of three misras. The first two are complete in themselves, but the addition of the third misra gives a new dimension all together.

written on: Mar 23th 2011

वोह जब याद आये, बहुत याद आये

अंजान से रास्ते पे, बढ़ चले हैं कदम,
हर तरफ अजनबीयों से घिरे हुए हैं हम.

रंग मिट्टी का ही नहीं, आसमान का भी बदला है,
हर चेहरे में जाना सा कोई चेहरा आँखों ने बनाया है.

पर फिर भी सुकून है दिल को, इस बदले हुए आसमान को देख कर,
मेरी खिड़की से दिखता वो तारा, यहाँ भी मेरे साथ चला आया है!!!

written on: Feb 28th 2011

Friday, February 11, 2011

I am proud to be an Indian

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A country known for its tradition,
A depiction of lady with determination.

To the core, versatile,
From mountains, rivers, to the land fertile.

Colors of diversity,
Blended with a sense of rationality.

A land with the dominance,
In peace, power and perseverance.

A symbol of trinity,
Creation, preservation, dissolution in unity.

"Vasudhaiva Kutumbakam",
Power, courage, pride & confidence as emblem.

Flag that gives inspiration,
Idea of economic, social, spiritual wealth creation.

Corruption & manipulation can never stay,
for we know that "Satyamev jayatey".

To all faith, sects & religion, we bow, "namami",
As the ultimate is "tatvamasi, aham bramhasami".

"Ahimsa paramo dharma"
Achieving goals with truth and karma.

Eager to become modern,
handling the change with tradition,

So many routes to ultimate truth & reality,
Science, art, religion and spirituality.

Driven by the kinship orientation,
Driven by power of motivation.

There is hope for regeneration,
To ensure human resurrection.

Goodness in humans must be in forefront,
This is the choice for new generation.

Written on: Aug. 13th 2010

Monday, January 31, 2011

अतीत का रंग

आज बहुत दिन बाद
जब कमरा खोला
तो देखा कुछ 
उथल-पुथल मची हुई थी

कुछ धूल, कुछ शोर
और कुछ पुरानी बातें
बिखरी हुई थी

मेरी नज़र गयी 
उस एक कोने पे जो खली था
एक लम्हा 
नज़र झुकाए बैठा हुआ था

उसने जो 
मेरी ओर नज़र उठाई
तो माज़ी के
कुछ लम्हों की चीखें सुनाई दीं

मैंने उस लम्हे को बरसों पहले 
इस कमरे में कैद किया था
और सफ़ेद चादर से 
ढक दिया था

आज भी वो लम्हा
वहीं था
बस चादर का रंग 
कुछ सुर्ख लाल पड़ चुका था........

written on: Jan 30th 2011