About Me

I love life, and am proud to be the most wonderful creation of God. You got it, "HUMAN BEING". Had I been a flower, fish or a bird, I must not been writing this......

Wednesday, July 18, 2012

मुख़तसर

बातों का सिलसिला जारी रहा... 
वो ही मिलने की बेकरारी,
वो ही बातों की खुमारी..
वो ही बेइन्तेहा मुहब्बत का इकरार,
और सुर्ख यादों की चादर पे तेरा इंतज़ार..
 तुझको ढूंढा नहीं है यादों में,
तुझको पाया है सिर्फ आंसुओं में...
फर्क सिर्फ इतना है की
अब.... 
बातों का सिलसिला, 
सिर्फ खुद से ही जारी है 

Tuesday, July 17, 2012

Continuity


When dreams corrode, Life rots,
When Life rot, happiness withers,
When happiness wither, moments shrivel
When moments shrivel, death is inevitable...