जज़्बातों को समझने का हुनर होता है जिनमें,
उन्हे अल्फाजों की ज़रूरत नहीं होती.
मंजिलों पर नज़र होती है जिनकी,
उन्हे रास्तों की फिकर नहीं होती.
निभाते हैं जो खुद से किये वादे,
आँखों में उनकी आंसुओं के लिए जगह नहीं होती.
written on: Dec 28th 2009
उन्हे अल्फाजों की ज़रूरत नहीं होती.
मंजिलों पर नज़र होती है जिनकी,
उन्हे रास्तों की फिकर नहीं होती.
निभाते हैं जो खुद से किये वादे,
आँखों में उनकी आंसुओं के लिए जगह नहीं होती.
written on: Dec 28th 2009
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